गुरुवार, दिसंबर 24, 2009
मंगलवार, दिसंबर 01, 2009
बहुमुखी व्यक्तित्व
बहुमुखी व्यक्तित्व
एक व्यक्ति
जब वह लोगों के बीच होता है
जब वह मंच पर बोलता है
तो लोग ताली बजाते हैं
क्योंकि वह विद्वान् दिखाई देता है
किन्तु वही व्यक्ति
जब मुझसे बात करता है
तो इन्नोसेंट ,मूर्ख अथवा
चालाक और धूर्त नज़र आता है
क्या वो धूर्त है
या वो मूर्ख है
नहीं वो न तो धूर्त है
और न ही मूर्ख है
वह वाकई बुद्धिमान है
तभी तो वह सफलता से
दो दो तीन तीन चेहरे रख पाता है
और ठीक तरह निभा पाता है .
एक व्यक्ति
जब वह लोगों के बीच होता है
जब वह मंच पर बोलता है
तो लोग ताली बजाते हैं
क्योंकि वह विद्वान् दिखाई देता है
किन्तु वही व्यक्ति
जब मुझसे बात करता है
तो इन्नोसेंट ,मूर्ख अथवा
चालाक और धूर्त नज़र आता है
क्या वो धूर्त है
या वो मूर्ख है
नहीं वो न तो धूर्त है
और न ही मूर्ख है
वह वाकई बुद्धिमान है
तभी तो वह सफलता से
दो दो तीन तीन चेहरे रख पाता है
और ठीक तरह निभा पाता है .
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